गाय और पर्यावरण प्रकृति की अमोल धरोहर है। जहां गाय की सेवा होती है वहां रोग नहीं रहते और भूकंप जैसी आपदाएं नहींआतीं। पालीथिन गौ हत्या का सबसे बड़ा कारण है। लोग पालीथिन सड़कों पर डाल देते हैं और गाय उसे खा जाती है जिससे उसकी मृत्यु हो जाती है।स्वतंत्रता के बाद की सरकारों ने गौ हत्या पर रोक नहीं लगाकर करोड़ों लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया है।
सत्ता में बैठे लोगों ने ही पालीथिन को बढ़ावा दिया है, जिससे गौ हत्या के साथ पर्यावरणको भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
गाय स्वतंत्रता आंदोलन की सूत्रधार है।
कानपुर गौशाला में गाय के गोबर से कपड़ा और आगरा गौशाला में टाइल्स बनाए जा रहे हैं।गाय का गोबर परमाणु शक्ति से रक्षा करने में सक्षम है। जरूरत है गाय पर वैज्ञानिक रिसर्च करने की।
गाय की सेवा करने वालों के लिए स्वर्ग के द्वार खुले हैं। गौ हत्या करने वालों का विनाश निश्चित है।
गौ कथा से सृष्टि का कल्याण होगा। गौ माताके चरण जिस मिट्टी पर पड़ते हैं वह चमत्कारिक प्रसाद बन जाती है। गाय के चरणों का स्पर्श की हुई मिट्टी का टीका माथे पर लगाने से असीम ऊर्जा की प्राप्ति होती है। गौ और कन्या एक हीहैं। गाय में संस्कारों का भंडार है। गऊ माता के पांच गव्य दूध, दही, गौ मूत्र, धृत व गोबर मिलते हैं। पहली रोटी गाय के लिए निकालनी चाहिए। इससे घर मेंसंपन्नता आती है गौ हत्या रोकने के लिए सभी धार्मिक और सामाजिक संगठनों को एक मंच पर आना होगा।
गोपाल मणी महाराज के प्रवचन से

सत्ता में बैठे लोगों ने ही पालीथिन को बढ़ावा दिया है, जिससे गौ हत्या के साथ पर्यावरणको भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
गाय स्वतंत्रता आंदोलन की सूत्रधार है।
कानपुर गौशाला में गाय के गोबर से कपड़ा और आगरा गौशाला में टाइल्स बनाए जा रहे हैं।गाय का गोबर परमाणु शक्ति से रक्षा करने में सक्षम है। जरूरत है गाय पर वैज्ञानिक रिसर्च करने की।
गाय की सेवा करने वालों के लिए स्वर्ग के द्वार खुले हैं। गौ हत्या करने वालों का विनाश निश्चित है।
गौ कथा से सृष्टि का कल्याण होगा। गौ माताके चरण जिस मिट्टी पर पड़ते हैं वह चमत्कारिक प्रसाद बन जाती है। गाय के चरणों का स्पर्श की हुई मिट्टी का टीका माथे पर लगाने से असीम ऊर्जा की प्राप्ति होती है। गौ और कन्या एक हीहैं। गाय में संस्कारों का भंडार है। गऊ माता के पांच गव्य दूध, दही, गौ मूत्र, धृत व गोबर मिलते हैं। पहली रोटी गाय के लिए निकालनी चाहिए। इससे घर मेंसंपन्नता आती है गौ हत्या रोकने के लिए सभी धार्मिक और सामाजिक संगठनों को एक मंच पर आना होगा।
गोपाल मणी महाराज के प्रवचन से
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